मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग का इतिहास – Mallikarjun jyotirlinga history in hindi

mallikarjun_temple

भारत भूमि, जो अनेको वरसॉ से संतो – महंतो की भूमि रही है. यहां पर ऐसे कई तीर्थस्थल मौजूद है जिनका अपना धार्मिक महत्व है…और उनसे लाखो – करोड़ो हिन्दुओ की आस्था जुड़ी हुई है. ऐसा ही एक तीर्थस्थल आंध्रप्रदेश में है. आंध्रप्रदेश के दक्षिण में कृष्णा जिले के श्रीशैल पर्वत पर स्थित मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग.( mallikarjuna jyotirlinga) श्रीशैलम पर्वत जिसे दक्षिण का कैलाश पर्वत भी माना जाता है.
मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग मंदिर भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक हिन्दू मंदिर है. यहाँ भगवान शिव-पार्वती को मल्लिकार्जुन के रूप में पूजा जाता है…मल्लिका माता पार्वती का उपनाम है और अर्जुन अर्थात स्वयं भगवान शिव. यह भारत का एक मात्र ऐसा शिवलिंग है जहाँ भगवान शिव और माता पार्वती सम्मिलित रूप से बिराजमान है.
मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग(mallikarjuna jyotirlinga) भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में दूसरे ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजा जाता है. यह भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर है जिसे ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ दोनों के रूप में पूजा जाता है.
12 ज्योतिर्लिंग सुुुचीपत्र-12 jyotirling list
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर-somnath jyotirling mandirगुजरात-gujarat
मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग मंदिर-mallikarjun jyotirling mandir आंध्र प्रदेश-andhra pradesh
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर-mahakaleshwar jyotirling mandirमध्य प्रदेश-madhay pradesh
ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर – omkareshvar jyotirling mandir मध्य प्रदेश-madhay pradesh
केदारनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर-kedarnath jyotirling mandirउत्तराखंड-uttarakhand
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर-bhimashankar jyotirling mandirमहाराष्ट्र-maharashtra
काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर-vishvanath jyotirling mandir उत्तर प्रदेश-uttar pradesh
त्रयम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर-trimbkeshwar jyotirling mandir महाराष्ट्र-maharashtra
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर-nageshwar jyotirling mandirगुजरात-gujarat.
वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर – vaidhyanath jyotirling mandirजारखंड – jharkhand
रामेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर-rameshwar jyotirling mandirतमिलनाडु-tamilanadu
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर – ghrishneshwar jyotirling mandir  महाराष्ट्र – maharastra

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग का इतिहास – mallikarjuna jyotirlinga history



मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग(mallikarjuna jyotirlinga) के निर्माण का वर्णन शिवपुराण के कोटिरुद्रसंहिता में मिलता है. इस ज्योतिर्लिंग का संबंध महादेव के बड़े बेटे कार्तिकेय जी से जुड़ा हुआ है. शिवपुराण के अनुसार प्रजापति विस्वरू श्री गणेशजी के साथ अपनी दोनों पुत्रियो के विवाह की कामना लेकर कैलाश पर्वत पहुचे. महादेव और माता पार्वती ने प्रजापती जी का प्रस्ताव स्वीकार किया. पर नियम के अनुसार बड़े भाई के पहले छोटे भाई का विवाह नही हो सकता…इसीलिए बड़े भाई कार्तिकेय कैलाश पर्वत छोड़ कर चले गए. क्योकि कार्तिकेय नही चाहते थे कि वह अपने छोटे भाई के किसी भी शुभ काम मे बाधा बने.
जब यह बात गणेशजी को पता चला तब उन्होंने भी विवाह करने के लिए एक शर्त रखी…शर्त के तहत गणेशजी भ तभी विवाह करेंगे जब उनके बड़े भाई कार्तिकेयजी भी विवाह में आएंगे. गणेशजी की शर्त के कारण भगवान शिव ने देवमुनि नारदजी को कार्तिकेय को मनाने भेजा.
नारदजी के बहुत समजाने पर भी कार्तिकेयजी नही माने…इसीलिए भगवान शिव और माता पार्वती स्वयं कार्तिकेयजी को मनाने पहुचे…भगवान शिव और माता पार्वती को भी उन्हें मनाने में बहुत समय लगा…पर आखिर में कार्तिकेयजी मान गए.
कौंज पर्वत पर बहुत समय व्यतीत करने के कारण भगवान शिव और माता पार्वती का मन वहाँ पर लग गया था. इसीलिए उन्होंने वहां रहने का निश्चय किया और ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान हो गये. मल्लिका माता पार्वती का उपनाम है और अर्जुन अर्थात स्वयं भगवान शिव. इसीलिए यह ज्योतिर्लिंग को मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग (mallikarjuna jyotirlinga) कहा जाता है. यह भारत का एक मात्र ऐसा शिवलिंग है जहाँ भगवान शिव और माता पार्वती सम्मिलित रूप से बिराजमान है…और यह भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर है जिसे ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ दोनों के रूप में पूजा जाता है. यहां पर भगवान शिव और माता पार्वती कैलाश छोड़कर बहुत समय यहां पर रहे थे इसीलिए श्री शैलम पर्वत को दक्षिण का कैलाश भी कहा जाता है.


वर्तमान मल्लिकार्जुन मंदिर का निर्माण – mallikarjuna jyotirlinga

वर्तमान मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग मंदिर की खोज दूसरी शताब्दी में कि गई थी. इस मंदिर की खोज सत्वहना साम्राज्य के कुछ सबुत के आधार पर की गई थी.
मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग मंदिर का ज्यादातर निर्माण विजयनगर साम्राज्य के राजवी हरिहर महाराज ने करवाया था. मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग श्री शैलम पर्वत पर स्थित है…और श्री शैलम पर्वत को दक्षिण का कैलाश भी माना जाता है. कई धर्मग्रंथों और शिवपुराण में इस मंदिर का धार्मिक महत्व विषतार से बताया गया है.
इस मंदिर के दर्शन मात्र से ही सभी पापो का नष्ट होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है…एक और मान्यता के अनुसार इस मंदिर में पूजा करने से अश्वमेधयज्ञ करने के समान पूण्य की प्राप्ति हो जाती है.
मल्लिकार्जुन मंदिर में पूजा का समय -Mallikarjun temple timings:-
मंगला वाध्यम4:30 A.M. TO 5:00 A.M A.M.
सुप्रभातम5:00 A.M. से 5:15 A.M.
प्रति:कला पूजा, गौ पूजा और महा मंगला आरती5:15 A.M. से 6:30 P.M.
भक्तो द्वारा पूजा, अभिषेक और दर्शन6:30 A.M. TO 1:00 P.M.
अलंकार दर्शन1:00 P.M से 3:30 P.M.
मंगल वाध्य4:30 P.M. TO 4:50 P.M.
प्रदोषकाल पूजा4:50 P.M से 5:20 P.M.
सुसंध्यम और महा मंगला आरती5:20 P.M. TO 6:00 P.M.
राजोपचार पूजा (भ्रामराम्बा देवी की)5:50 P.M. TO 6:20 P.M.
भक्तो द्वारा पूजा और दर्शन6:20 P.M.TO 9:00 P.M.
मंदिर हप्ते के सातों दिन खुला रहता है…मंदिर प्रातःकाल 5:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक खुला रहता है. विशेष त्योहारों एवं विशेष दिवसों पर यह समय परिवर्तित भी हो सकता है.

FAQs

1. Where is Mallikarjuna Jyotirlinga temple located.
:- Mallikarjuna Jyotirlinga Temple is a Hindu temple located in Andhra Pradesh. This temple is on the Srisailam mountain in Krishna district in Andhra Pradesh.

2. Who built the present Mallikarjuna temple.
:- Most of the present Mallikarjuna Jyotirlinga temple was built by Rajavi Harihar Maharaj of Vijayanagara Empire.

3. Why is Shri Shail mountain called Kailash of the south.
:- Here Lord Shiva and Mother Parvati stayed here for a long time leaving Kailash, hence Shri Shailam mountain is called Kailash of South.

4.When was the present Mallikarjuna Jyotirlinga discovered?
:- The present Mallikarjuna Jyotirlinga temple was discovered in the second century. This temple was discovered on the basis of some evidence of the Kingdom of Satavahana.

मल्लिकार्जुन मंदिर मे धूमने लायक स्थल – Places to be visited in Mallikarjun temple:-

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Mallikarjun Jyotirling Temple

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Patal Ganga

Bhramramba_devi_mandir

Bhramramba Devi Mandir

Bhramramba_devi_live_darshan

Bhramramba Devi Live Darshan

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Mallela Theertham Waterfoll

Srisailam_Dam

Srisailam Dam


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