9 जुलाई को विनायक चोथ: बन रहे हैं तीन दुर्लभ संयोग, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Advertisements

9 जुलाई 2024 को विनायक चोथ का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन तीन दुर्लभ संयोग बन रहे हैं, जो इस पर्व को और भी विशेष बना देते हैं। इस लेख में हम आपको विनायक चोथ की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और इन दुर्लभ संयोगों के बारे में विस्तार से बताएंगे।

विनायक चोथ का महत्व

विनायक चोथ भगवान गणेश की पूजा का पर्व है। इस दिन भक्त गणेश जी की पूजा करते हैं और उनसे अपने जीवन में सुख, समृद्धि और बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करते हैं। इस पर्व का महत्व विशेष रूप से उन लोगों के लिए होता है, जो अपने जीवन में नए कार्य की शुरुआत कर रहे होते हैं या किसी महत्वपूर्ण निर्णय की तैयारी में होते हैं।

दुर्लभ संयोग

इस बार के विनायक चोथ पर तीन दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। ये संयोग इस पर्व को और भी विशेष बनाते हैं और इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

पहला संयोग: शुभ योग

पहला दुर्लभ संयोग शुभ योग का बनना है। इस योग में भगवान गणेश की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं। इस दिन पूजा करने वाले भक्तों को गणेश जी की कृपा प्राप्त होती है और उनके सभी कार्य सफल होते हैं।

दूसरा संयोग: विशेष तिथि

दूसरा दुर्लभ संयोग इस बार की तिथि का विशेष होना है। इस तिथि पर ग्रहों की स्थिति ऐसी है कि यह दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस दिन किए गए कार्यों में सफलता प्राप्त होती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

तीसरा संयोग: पवित्र समय

तीसरा दुर्लभ संयोग पवित्र समय का बनना है। इस समय में पूजा करने से भक्तों को विशेष फल प्राप्त होते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

पूजा विधि

विनायक चोथ की पूजा विधि विशेष होती है। इस दिन भक्त गणेश जी की पूजा विधिपूर्वक करते हैं। नीचे दी गई है पूजा की विधि:

Advertisements

सामग्री

  1. भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर
  2. फूल
  3. धूप और दीपक
  4. रोली, मौली, चंदन
  5. पान के पत्ते
  6. सुपारी
  7. नारियल
  8. मिठाई
  9. पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, और शक्कर का मिश्रण)
  10. ताजे फल

पूजा की प्रक्रिया

  1. सबसे पहले साफ-सुथरे स्थान पर भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
  2. भगवान गणेश को स्नान कराएं और उन्हें वस्त्र पहनाएं।
  3. अब भगवान गणेश को रोली, चंदन और मौली अर्पित करें।
  4. धूप और दीपक जलाएं और भगवान गणेश की आरती करें।
  5. फूल, पान के पत्ते, सुपारी, नारियल और मिठाई अर्पित करें।
  6. पंचामृत का भोग लगाएं और ताजे फल चढ़ाएं।
  7. अंत में भगवान गणेश से अपनी मनोकामनाएं पूरी करने की प्रार्थना करें।

शुभ मुहूर्त

विनायक चोथ की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। इस दिन पूजा करने के लिए शुभ मुहूर्त निम्नलिखित है:

सुबह का मुहूर्त

सुबह 6:00 बजे से 8:00 बजे तक का समय शुभ माना जाता है। इस समय में पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं।

दोपहर का मुहूर्त

दोपहर 12:00 बजे से 2:00 बजे तक का समय भी पूजा के लिए शुभ माना जाता है। इस समय में पूजा करने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है।

शाम का मुहूर्त

शाम 6:00 बजे से 8:00 बजे तक का समय भी शुभ मुहूर्त होता है। इस समय में पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

व्रत की विधि

विनायक चोथ के दिन भक्त व्रत भी रखते हैं। इस व्रत की विधि भी विशेष होती है। नीचे दी गई है व्रत की विधि:

  1. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. भगवान गणेश की पूजा करें और व्रत का संकल्प लें।
  3. दिन भर निराहार रहें और जल का सेवन करें।
  4. शाम को पूजा करने के बाद ही अन्न ग्रहण करें।
  5. इस व्रत को श्रद्धा और भक्ति के साथ पालन करें।

व्रत की कथा

विनायक चोथ की कथा भी बहुत महत्वपूर्ण होती है। इस कथा को सुनने से व्रत का फल प्राप्त होता है और भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है। कथा के अनुसार, एक बार माता पार्वती ने अपने पुत्र गणेश से कहा कि जो भी व्यक्ति इस दिन आपका व्रत करेगा और आपकी पूजा करेगा, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।

इस प्रकार, विनायक चोथ का पर्व भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होता है। इस दिन भक्त गणेश जी की पूजा और व्रत करते हैं और उनसे अपने जीवन में सुख, समृद्धि और बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करते हैं। 9 जुलाई को बन रहे तीन दुर्लभ संयोग इस पर्व को और भी विशेष बनाते हैं, इसलिए इस दिन पूजा और व्रत का विशेष महत्व है।

Advertisements

Leave a Comment