अनुपमा सीरियल के आज के एपिसोड में दर्शकों को भावनाओं का एक रोलरकोस्टर राइड देखने को मिला। अनुपमा ने लड़कियों के अधिकारों पर मजबूती से अपनी बात रखी, जबकि परिवार में तनाव और बहस ने कहानी को और रोचक बना दिया। आइए जानते हैं अनुपमा 27 जनवरी 2026 के इस अपडेट में क्या-क्या हुआ।
लड़कियों के अधिकार पर अनुपमा का जोरदार भाषण
एपिसोड की शुरुआत अनुपमा के उस सवाल से होती है कि आखिर लड़कियों से उनकी शादी से पहले क्यों नहीं पूछा जाता? अनुपमा जोर देकर कहती हैं कि लड़कियों को शादी से पहले अपना चुनाव करने का पूरा हक है। प्रार्थना इस बात से सहमत होती है और अपनी कहानी साझा करती है। वह बताती है कि एक दिन कॉलेज से लौटी तो वसुंधरा ने ऐलान कर दिया कि उसकी शादी तय हो गई है। प्रार्थना का सपना था एमबीए पूरा करके पराग का सहारा बनना, लेकिन किसी ने उसकी राय तक नहीं ली।
अनुपमा एक दिलचस्प उदाहरण देती हैं – अगर रेस्तरां में खाने का चुनाव परिवार मिलकर करता है, तो बेटी की शादी जैसे महत्वपूर्ण फैसले में उसकी राय क्यों नहीं मांगी जाती? यह बात सभी को सोचने पर मजबूर कर देती है।
वसुंधरा और गौतम का विरोध
वसुंधरा अनुपमा की बातों से आहत हो जाती है और प्रार्थना के तलाक के लिए अनुपमा और अंश को जिम्मेदार ठहराती है। लेकिन अनुपमा इसका जवाब देते हुए गौतम को दोषी बताती हैं। वह कहती हैं कि अगर प्रार्थना गौतम से पहले मिलती, तो उसका असली चेहरा पता चल जाता। अनुपमा शादी से पहले लड़के-लड़की के बीच मिलने-जुलने और अनुकूलता जांचने की वकालत करती हैं।
वसुंधरा अनुपमा के आधुनिक विचारों से हैरान हो जाती है और तंज कसती है कि क्या अनुपमा लड़के-लड़कियों को बेइंतहा मिलने की हिमायत कर रही है? ख्याति अनुपमा के खुद के वैवाहिक जीवन पर सवाल उठाती है। वह कहती है कि अनुपमा ने अनुज के साथ शादी से पहले साथ रहकर अनुकूलता जांच ली थी। ख्याति वनराज के साथ असफलता और अनुज के साथ क्या हुआ, इस पर ताने मारती है। वह कहती है कि प्रार्थना ऐसी महिला से सलाह ले रही है जिसके खुद के रिश्ते असफल रहे।
प्रेम ख्याति को रोकने की कोशिश करता है, लेकिन अनुपमा उसे चुप रहने कहती है। अनुपमा ख्याति से कहती है कि अगर वह उसकी कहानी जानना चाहती है, तो कभी और बता देंगी। फिलहाल अंश की शादी का समय है और उनके पास ज्यादा वक्त नहीं है।
दूसरी शादी और स्वतंत्रता पर बहस
अनुपमा कहती हैं कि अगर पराग की दूसरी शादी वैध है, तो प्रार्थना की क्यों नहीं? गौतम तर्क देता है कि अंश के साथ प्रार्थना की खुशी की कोई गारंटी नहीं। अनुपमा जवाब देती हैं कि एक गारंटी तो है – गौतम के साथ प्रार्थना कभी खुश नहीं रह सकती। अनुपमा दूसरी शादियों और महिलाओं की स्वतंत्रता पर एक प्रभावशाली व्याख्यान देती हैं। वसुंधरा कहती है कि स्वतंत्रता पाने के बाद भी अनुपमा संघर्ष कर रही है। अनुपमा मुस्कुराते हुए कहती हैं कि वह खुश है क्योंकि उसने संघर्ष के बावजूद हार नहीं मानी। वह कहती हैं कि सीमित खुशियां मिलने से ही उसकी कीमत समझ आती है।
शादी का निमंत्रण और परिवार की चिंताएं
अनुपमा कोठारी परिवार को अंश और प्रार्थना की शादी में आने का न्योता देती है। प्रार्थना भी सभी से आने की गुजारिश करती है। अनुपमा पराग से अपना फैसला दोबारा सोचने को कहती है। इधर, लीला अनुपमा और प्रार्थना के कोठारी परिवार से मिलने जाने पर चिंतित है। पाखी अनुपमा की हर चीज में दखलंदाजी की आलोचना करती है और जटिलताओं के लिए उसे दोषी ठहराती है। प्रीत अनुपमा का बचाव करती है, लेकिन लीला दोनों को झगड़ना बंद करने कहती है।
प्रार्थना चिंतित हो जाती है कि कहीं पराग, वसुंधरा और ख्याति शादी में न आएं। अनुपमा उसे दिलासा देती है। घर लौटते वक्त अनुपमा “अनुज की रसोई” को देखती है और अनुज के साथ बिताए पलों को याद करती है।
आने वाले एपिसोड में क्या होगा?
शाह परिवार प्रार्थना और अंश की शादी की खुशियां मनाता है। गौतम वसुंधरा को भड़काता है और पूछता है कि प्रार्थना का बच्चा शाह परिवार का कैसे माना जा सकता है। वसुंधरा और ख्याति कुछ कागजात लेकर आती हैं, जिससे अनुपमा स्तब्ध रह जाती है।
यह अनुपमा 27 जनवरी 2026 का अपडेट दर्शकों को भावुक कर देने वाला था। अगले एपिसोड में और ड्रामा देखने को मिलेगा। बने रहिए अपडेट्स के लिए!