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Thai Pongal 2026: तिथि, समय और उत्सव का दैनिक अपडेट

January 14
Thai Pongal 2026: तिथि, समय और उत्सव का दैनिक अपडेट

2026 के कृषि आधारित त्योहारों की श्रृंखला में Thai Pongal का विशेष स्थान है। यह हर साल भारत और तमिल समुदायों के बीच मनाया जाने वाला पारंपरिक फसल उत्सव है, जो समृद्धि, आभार और प्राकृतिक चक्रों के सम्मान का प्रतीक है। इस वर्ष थाई पोंगल का दिन बुधवार, 14 जनवरी 2026 को है, और इसका अत्यंत शुभ संक्रांति क्षण दोपहर 03:13 बजे पड़ता है। यह पोंगल उत्सव के मुख्य दिन का केंद्रबिंदु भी है, क्योंकि इसी दिन सूर्य को धन्यवाद अर्पित किया जाता है और अच्छी फसल तथा खुशहाली की कामना की जाती है।

पूरे त्योहार की पृष्ठभूमि एवं तिथियों को समझने के लिए, यह जानना आवश्यक है कि पोंगल एक चार दिवसीय उत्सव है जिसे तमिल सौर पंचांग के अनुसार मनाया जाता है। ​इस दौरान सूर्य भगवान, कृषि, पशु और समाज की भागीदारी सभी को सम्मान दिया जाता है।

पोंगल उत्सव के चार मुख्य दिन

पोंगल का पर्व 2026 में 14 जनवरी से 17 जनवरी तक मनाया जाएगा, जिसमें प्रत्येक दिन का अपना अलग महत्व है।

1. भोगी पोंगल – 14 जनवरी 2026

यह चार दिवसीय उत्सव का पहला दिन है, जिसमें लोग पुराने, बेकार और नकारात्मक वस्तुओं को त्याग कर नए आरंभ का स्वागत करते हैं। घरों की सफाई, रंगोली और आनंदमय सजावट इस दिन की विशेष परंपरा है।

2. थाई पोंगल – 14 जनवरी 2026

थाई पोंगल मुख्य पोंगल उत्सव का केंद्र बिंदु है। सूर्य देव को अर्घ्य देने के साथ, नए चावल, गुड़ और अन्य सामग्री से पोंगल (खीर) तैयार किया जाता है और सूर्य को भेंट किया जाता है। यह दिन कृषि से जुड़ी समृद्धि के लिए कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रमुख क्षण होता है।

3. मट्टू पोंगल – 15 या 16 जनवरी 2026

इस दिन खेतों और कृषि कार्यों में सहायक पशुओं — विशेषकर गाय और बैल — का सम्मान किया जाता है। इन्हें विशेष भोजन, सजावट और पूजा के माध्यम से सम्मानित किया जाता है।

4. कानुम पोंगल – 17 जनवरी 2026

इस अंतिम दिन समाज और परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर आनंद और मेलजोल का उत्सव मनाया जाता है। परिवार व मित्र मिलकर प्रसन्नता बांटते हैं तथा महीना भर की मेहनत पर सामूहिक आनंद व्यक्त करते हैं।

संक्रांति और मौसमीय महत्व

थाई पोंगल उसी दिन पड़ता है जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है — जिसे मकर संक्रांति कहा जाता है। यह क्षण प्राकृतिक जीवनचक्र के उत्तरायण की शुरुआत का संकेत देता है, जो कृषि और जीवन के लिए शुभ माना जाता है।

समुदायों में उत्सव और कार्यक्रम

पोंगल केवल एक पारंपरिक दिन नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक, सामाजिक और कृषि-आधारित कार्यक्रमों का एक अनूठा संगम भी है। तमिलनाडु के कई हिस्सों में गोग्गा उत्सव, पशु शोभायात्रा, सांस्कृतिक गीत-नृत्य, और सामूहिक भोजन आयोजन होते हैं। कई समुदाय स्थानीय खेल और परंपराओं के साथ उत्सव को और अधिक जीवंत बनाते हैं।

2026 के लिए विशेष सलाह

जैसा कि यह उत्सव चार दिनों तक चलता है, लोग आमतौर पर अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई रखते हैं, रंगोली बनाते हैं और सभी आयु वर्ग में भाई-चारा बढ़ाने के लिए सामूहिक भोज का आयोजन करते हैं। कई स्थानों पर पोंगल उत्सव सार्वजनिक छुट्टियों के रूप में मनाया जाता है, जिससे परिवार मिलकर त्योहार का पूरा आनंद उठा सकते हैं।

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